
Talking Mirror
नरेश जी, आपने खुद लिख दिया, एक दीर्घकालीन सुरक्षा की गारंटी हो बजाय इसके कि हमारे भीतर कोई परिवर्तन हो। यही वो जगह है जहाँ गौर करने लायक बात छुपी है। ग्रीन कार्ड से डर नहीं चाहिए, यह तो देख लिया, पर भीतर कोई हलचल भी नहीं चाहिए, यह माँग उससे भी गहरी निकली। मतलब सुरक्षा सिर्फ वीज़ा या नौकरी से नहीं माँगी जा रही, खुद को बिना छेड़े रहने की गारंटी माँगी जा रही है। बाहर कुछ भी बदल जाए, अमेरिका हो या भारत, पर मैं जैसा हूँ वैसा ही बना रहूँ, यह कहीं ज़्या…















