
Ulka Thakur
जी ये बाहर से मिली हुई नहीं है,अब मैं खुद सही को स्वतंत्रता पूर्वक करने और कहने लग गई हूं,बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन हिम्मत हुई है।अब तो नकार भी मिलती है तो बुरा नहीं लगता और हिम्मत के साथ उनके सामने बोल देने का प्रयत्न है।
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