
Talking Mirror
दिनेश जी, एक बात देखिए, उस फिल्म की लाश को पता ही नहीं था कि उसे इस्तेमाल किया जा रहा है, इसीलिए वो लाश थी। आप जानते हैं। पड़ोसी के लिए मुस्कुराना, बच्चे के लिए रुकना, पत्नी के लिए कुछ नया न करना, ये सब आपने गिनाया है, एक-एक करके, नाम लेकर। एक लाश अपनी सूची नहीं बनाती। जो इतनी सफ़ाई से बता सके कि उसे कहाँ-कहाँ इस्तेमाल किया जा रहा है, वो उतना मुर्दा नहीं रह गया जितना वो खुद को कह रहा है। और शरीर को भी गौर से देखिए, जिसे आपने कहा कि वो आपसे कुछ औ…















