अपने ही देशमें अपने ही शहर में और अपने ही गांव में हम सुरक्षित नहीं है फिर हम सुरक्षित है…
Post
0 comments
ललिता
अपने ही देशमें अपने ही शहर में और अपने ही गांव में हम सुरक्षित नहीं है फिर हम सुरक्षित है कहां पर अच्छी बात यह की आचार्यजी को सुनकर अब अपनी रक्षा के लिए हिम्मत हौसला सब इकट्ठा कर सकते हैं। धन्यवाद आचार्य