
प्रभा
Options ki भरमार है कपडो कि फिर भी क्यु पशू कोे दुःख दिया जा रहा है। मावन लालच कित्नी वाहियात और स्वार्थी होटी है । और भी कई व्यवसाय हो सकते है पैसे कमाने के लिए लेकिन उसमे मेहेनत और जोखिम होगी क्यु? तो फिर काट या नोच लेते है किसी और जीव की खाल, बाल, हड्डी , माश क्यु इतने से नहि हुवा तो फिर अब और उत्पादन बढाएँगे और ब्यापार करेंगे। और दुःख तब होत है एसे लोगो कोे पता भि नहि होत ये सब गलत है या फिर लालच ईतनी बडी हो गयी की मानवकोे दानव बनने मे मजा…




























