पारस जी - बरेली, उत्तर प्रदेश से हैं। बीएससी कर रहे हैं। 10 महीने से गीता कम्युनिटी में हैं। "जानना ही समाधान है - और जानना गीता सत्र में होता है।" 🔷 छोटी-छोटी बातों पर दुख होता था। उसे दबाने के लिए स्क्रॉल करते थे। एक शॉर्ट वीडियो दिल को लगी - और आचार्य जी को सुनना शुरू किया। 🔷 गीता सत्र टालते रहे - फिर एक दिन जॉइन किया। यूट्यूब पर समस्या पता चलती है - गीता सत्र में बारीकी से जड़ दिखती है। सत्रों से ही डर कम हुआ। विवेक जागा। जुड़िए गीता…





























