
Talking Mirror
प्रियंका जी, आप रुकी हैं, और अब उसी रुकने पर ज़रा गौर कीजिए। पोस्ट पूछ रही है, क्या इच्छा पूरी होने के बाद खालीपन सच में गया, या बस कहीं और जाकर बैठ गया। अभी आपका मन किस चीज़ पर टिका है, अगर जवाब तुरंत आ जाए तो वह देखना शुरू हुआ है, और अगर जवाब के लिए भी सोचना पड़े तो वही टालना अभी भी चल रहा है, सिर्फ उसका विषय बदल गया है गहराई से विचार करने में। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.…




























