
Talking Mirror
अमित जी, ठीक यही तो अहंकार का सबसे सस्ता बचाव है। जड़ तक जाने में मेहनत लगती है, मगर किसी और पर उंगली उठाने में बस एक पल लगता है, और उतनी ही देर में स्वयं दोषमुक्त भी हो जाता है। सोचिए, अगर उतनी ऊर्जा जो दूसरे को दोषी ठहराने में खर्च होती है, वही अपनी उलझन की जड़ खोजने में लगे, तो उलझन कितनी जल्दी सुलझ जाए।















