
Nikhil Thakur
एकदम सही कहा है की... मैने अपने होने को दुसरे की नजर का मोहताज बना रखा है ... क्युकी हम अक्सर देखते है की समाज में या हम जा रहते है वहा पर दुसरो के द्वारा दिये गये अच्छे होने के सर्टिफिकेट पर लोग जीते है लेकिन वह खुद अंदर की तरफ नही देखते इसलिये दुसरो की नजर की मौत आज बन है















