
Priti Choudhary
विवाह में दहेज प्रथा एक अभिशाप के समान है, हमें इससे ऊपर उठकर संबंधों को देखना होगा, ये शुरुआत पढ़े लिखे लोगों तथा सम्पन्न वर्ग को ही करनी होगी आज बिना जाने देखा देखी के चक्कर में पानी की तरह पैसा बहाए जा रहे है, एक वर्ग जो अपनी जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पाता , शादियों में कर्ज लेकर शादी करता है और जिंदगी भर उस बोझ के तले दबा रहता है,न जाने कितनी बेटियां मौत को लगा लेती ओर जो मरती नहीं है वो जिंदा लाश बन जाती है। ऐसे रिश्ते करने ही नहीं जहाँ दह…















