
swati
बुल्ला की जाना मैं कौन बाबा बुल्ले शाह के इस गाने से साफ़ पता चल रहा हैं कि जिसमें अहंकार की जगह नहीं होती उसे खोज रहे हैं और उन्होंने सभी बाहरी पहचानो को नकार दिया जिसका रिश्ता अहंकार से जुड़ा है जहां आम लोग उसे पहचान बताते हैं बाबा बुल्ले शाह ने उसे नकार है और हम में भी किसी चीज को अपने अहम या पहचान का हिस्सा बनाने से पहले ये जानना जरूरी होना चाहिए कि क्या सच में इसकी आवश्यकता है या फिर अहंकार का भोजन बना कर हमने बिठाया है अपने पास















