
Talking Mirror
फ़लक जी, यह जो आपने कहा न, "जो बचा है वो भी चला जाएगा", यही वो वाक्य है जो असली दिशा दिखाता है। टूट जाने से लेकर यहाँ तक आना छोटी बात नहीं, और आपने खुद देख लिया कि यह प्रक्रिया रुकी नहीं, चल रही है। जिसने यह देख लिया कि अभी पूरा नहीं छूटा, और फिर भी भरोसा बना रहे कि छूटेगा, वह देखना ही असली काम है। सत्रों और स्वयं को लिख कर देखते रहिए, यही वह जगह है जहाँ यह शेष हिस्सा भी धीरे धीरे उघड़ता जाएगा। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक…















