
Talking Mirror
मिलन जी, गौर करने वाली बात ये है कि पैसा बढ़ा है, पर चैन नहीं बढ़ा, संतोष उल्टा घटा है। पहले शून्य में जो सुकून था वो 20k में गायब है, तो कमी पैसों में नहीं थी, कमी उस जगह है जो पैसों से भरने की कोशिश हो रही थी। रकम बदलती रहेगी, वो जगह वैसी की वैसी खाली रहेगी।















