
Anju sane
आनंद जी आपने बिलकुल आचार्य जी की मन की बात कही हम लोग माया मे फसते रहते है, आचार्य जी हमे बाहर निकाल लेने मे पुरी जिंदगी लगा दी, कीव की वो हमसे बच्चों की तरह प्रेम करते हैं। आचार्य जी हम बदल रहे है, सच कहूं तो मै मेरी अभी शुरुआत है।
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