
Uma Soni
sach hi hai सच में अपने पास पुरानी से पुरानी चीज़ों को बहुत संभाल कर रखते हैं, जबकी साल भर उसका कोई उप yogaय नहीं होता, दीपावली की सफाई में जब हम अपनी सभी चीज़ों को देखते हैं तो पुराने ख्यालों में,unke sath judi yadon mein kho jaate Hain और उन्हें अभी भी उतना ही अपना मानते हैं जितना पहले जब उसकी उपयोगिता का उपयोग समय अधिक थी ऐसा कर हम मोह माया से सी chhut nahin paate aur vartman ke kimati Samay ki upyogita ko kam kar baithte Hain Jo ki hamara hi…















