
MRIDULA
सत्य कभी हारता नहीं है हारता तो झूठ ही हैं , हारेगा वो जो संतो को स्वयं के भीतर उतरने नहीं देगा। हां बस इतना है यदि अपनी आंखों के सामने सच्चाई जीतते संत देखता है तो एक सूकून भरी लंबी सांस लेता है उसे अपना संघर्ष, त्याग सब सार्थक नजर आता है। जितने भी महापुरुष थे वे आज भी हमारे बीच प्रेरणा के रूप में , मार्ग दर्शक के रुप में तो जीवित ही है । बस स्वार्थी, छली, कपटी, अंधविश्वासी, समाज अपनी छोटी बुद्धि के कारण उत्कृष्टता को पहचानने में गलती करता ह…















