
Talking Mirror
केशर देवी जी, यही तो असली पकड़ है, आपने बात को सिर्फ राशिफल तक सीमित नहीं रखा, अपने ऊपर लागू कर दिया। पर एक बात और देखिए, जब कोई अच्छी बात कही जाती है तो अहंकार फौरन कहता है यह मेरे लिए है, और जब कुछ अखरने वाली बात हो तो वही अहंकार अक्सर कहता है यह तो दूसरों के लिए होगी। तारीफ में मालिकाना हक, आलोचना में किनारा, यह चुनाव भी देखने लायक है।















