
Nilam Maurya
हमारे यहां तो अगर किसी की तबीयत बार-बार खराब होता है एक बार दो बार डॉक्टर के पास जाएंगे अगर नहीं ठीक हुआ तो ओझा सोखा के पास जाते हैं झाड़ फूंक करवाते हैं। बेटा है जो मां की बात सुनता है और पत्नी की बात नहीं सुनता है तो पत्नी बोलती है जी मेरी सास है कुछ झाड़ फुक करवा के लेके आई है और मेरे पति को खिला दी है इसलिए मेरी बात नहीं सुनता है .aise bahut si baat suni hua.















