
Brahma kumari Rao
आप सत्र सुनती रहे धीरे-धीरे सब गलत मान्यताएं हटने लगेगी और किसी भी परंपरा या मान्यता को सिर्फ इसलिए नहीं मानना है कि वह पहले से चली आ रही है बल्कि जानना है जानने के बाद जो उचित हो वही करना चाहिए।आचार्य जी कहते हैं बिना जाने किसी चीज को त्यागना और बिना जाने किसी चीज को अपनाना दोनों ही अंधविश्वास है।















