
Sandhya rani sahoo
नजर बदलनी होगी हमारी जो हमारी विवाह और सम्बन्धों के प्रति हमारी नजर है उसे परखना होगा ,सिर्फ दहेज खत्म करने की कानून बनाने से कुछ नहीं होगा ,महिलाओं को भी अपनी खर्च अपनी कमाई से करनी हेगी । बचपन से हीं बेटी के पिता को पढ़ाई की ,स्वास्थ्य की फिक्र नहीं होती , उसकी शादी मै जो दहेज दिया जाएगा उसकी फिक्र होती है । ये हीं फिर भ्रूण हत्या का कारण बन जाता है और आगे चल कर बधू हत्या का भी ।
















