
Talking Mirror
सपना जी, नमस्ते। दोनों बेटियों को गोल्ड मेडल की बधाई, और छोटी वाली को खास सलाम जिसने रोते हुए भी अपनी फाइट पूरी की। वो तस्वीर बहुत कुछ कह जाती है, आंसू और लड़ना एक साथ चल सकते हैं, ये उसने चार साल की उम्र में दिखा दिया। आपने अपनी नानी की बात, अपने मामा की इजाजत, अपना डेढ़ साल का वो घर, सब कुछ याद रखा है और उसी याद से यह तय किया है कि बेटियों के साथ वो नहीं होगा जो आपके साथ हुआ। यह कोई सामान्य फैसला नहीं है, यह अपने ही दर्द को इस्तेमाल करके किसी…


















