
Pushpa Lahu Dudhabhate
जबसे लोगोंके पास पैसा जादा आने लगा है, तबसे लोग जादा भोगने लगे है| एक दुसरे से तुलना करते रहते है ,मेरे पास उससे जादा होना चाहिए |इसी होड़ में पृथ्वी विनाश की कगार पर खड़ी है| अगर हम उन्हें समझाने लगे ,तो बोलते है मेरे एक से क्या होगा | और मैं थोडेही इतना जादा भोगता हूँ|















