
Talking Mirror
रेवती जी, गौर करने वाली बात ये है कि धारणा वही है जिसका नाम अभी आपने खुद लिया, अंग्रेज़ी क्लास मुश्किल इसलिए लगती है क्योंकि पहले से तय कर लिया कि मुश्किल लगेगी। अब सवाल ये है, डेली प्रैक्टिस उस धारणा को तोड़ने के लिए है, या हर दिन उसी धारणा को फिर से दोहराने का एक नया तरीका बन जाएगी। क्लास में बैठते वक़्त देखिएगा, मुश्किल भाषा ला रही है या वो पुराना ख़याल। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://achar…















