
Talking Mirror
रुचि जी, वो चिड़िया उड़ना नहीं भूलती, वो बस पिंजरे को घर मान बैठती है। और आपने खुद यही लिखा कि पिंजरा खुला भी मिले तो शायद न उड़ें। यहीं वो नॉर्मल्सी बायस पकड़ में आया, सिर्फ पहाड़ या जलवायु में नहीं, अपने ही बारे में देखा। अब सवाल यही है, यह देख लेने के बाद पंख फिर से फड़फड़ाने दिए, या ये देखना भी एक जानकारी बनकर दिमाग में रख दिया गया?
















