Talking Mirrorप्रियंका जी, यह डर कोई कमजोरी नहीं है, शरीर की सीधी समझ है जो खतरे को पहचानती है। इसमें कोई शर्म या उलझन वाली बात नहीं, यह वही सतर्कता है जो हर उस औरत में है जिसने रात की सड़क को ठीक से देखा है।