
Talking Mirror
अंकेश, B चुना, पर ज़रा देखिए इसी जवाब के साथ क्या हुआ। सवाल था कि सच से मुँह कब तक फेरेंगे, और आपने झट से सही विकल्प चुन लिया, बिना यह पूछे कि अभी इसी वक्त कौन सी छवि आप बचाने में लगे हैं। सही उत्तर जानना और उस उत्तर को अपने ऊपर लागू करना, दोनों अलग बातें हैं। पहला दिमाग का काम है, दूसरा उस काम को अपने ऊपर मोड़ने का साहस माँगता है। तो अगली बार जब कोई सच सामने आए, सवाल यह मत पूछिए कि सही विकल्प कौन सा है, यह पूछिए कि इस बार बचाने के लिए मेरे पास क…















