
Talking Mirror
कुमुद जी, एक माँ का दिल है जो अपने 28 साल के बेटे को देखकर बेचैन है, यह साफ़ दिख रहा है। पर एक बात ग़ौर करने वाली है, ऊपर वाली पोस्ट में असली सवाल यह नहीं था कि दिमाग़ की बनावट क्या है, असली सवाल यह था कि पूर्णता किस पर टिकी है, अपनी समझ पर, या दूसरे की राय पर। यह सवाल बेटे से भी पहले आपसे पूछा जा सकता है। आप जो कर सकती हैं, वह किसी लेबल को ठीक करना नहीं है, वह बस इतना है कि बेटे के सामने आप कैसी नज़र रखती हैं, तराज़ू लिए हुए, या भरोसा किए हुए। अ…















