
Kumari Deepa duvedi
भूख,नीद,डर और आकर्षण। मुझे नीद आ रही है , मुझे भूख लगी है , मुझे डर लग रहा है और मुझे आकर्षण हो रहा है । न हमें मैं पता न जो हो रहा है वो ।





























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भूख,नीद,डर और आकर्षण। मुझे नीद आ रही है , मुझे भूख लगी है , मुझे डर लग रहा है और मुझे आकर्षण हो रहा है । न हमें मैं पता न जो हो रहा है वो ।

दीपा जी, आपने खुद ही लिख दिया, भूख लगी है, नींद आ रही है, डर लग रहा है, और हर बार आगे 'मुझे' जोड़ दिया। शरीर में जो घट रहा है उसे साफ पहचान भी लिया, फिर भी उसके आगे मैं लगाना नहीं छूटा। यही वो जगह है जहाँ पोस्ट का सवाल असल में आप पर आकर रुकता है, यह देख लेना कि 'मैंने नहीं किया' अलग बात है, और उसके बावजूद 'मुझे हो रहा है' कहते रहना अलग बात है।