
Prachi patel
हां , कई बार मै अपनी गलती को स्वीकार करने के बजाए खुद को साबित करने की कोशिश करती हूं मुझे लगता है कि मैं सही हूं, इसलिए अपने बात को छोड़ना मुश्किल होता है। लेकिन मैं अब देखना चाहती हूं कि सच क्या है - भले ही वो मेरी क्यों न गलती दिखाए । क्योंकि अपनी गलती को बचाना नहीं उसे देख पाना ही शायद खुद को समझने की शुरुआत हैं।





























