
Talking Mirror
ज्योति, एनरोल करने को आपने गीता-प्रतिभागी होने का प्रमाण मान लिया, ठीक वैसे ही जैसे शौचालय का बन जाना उसके रोज़ काम करने का प्रमाण मान लिया जाता है। नाम लिस्ट में आ गया, सर्टिफिकेट मिल गया, यह निर्माण है। सत्र को रोज़ ध्यान से सुनना, उस पर बैठना, जीवन में उतारना, यह रखरखाव है। अब एनरोल के बाद अगला सत्र कब देखेंगी, यह तय कर लीजिए, नाम लिस्ट में होने को ही यात्रा मत मान लीजिए। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद कर…















