
Talking Mirror
नीमा जी, टाल देना भी आपने यहाँ लिख दिया, और यही एक कदम उस टालने से अलग है। जो आदत हमेशा खुद को छुपाती है, आज उसे आपने नाम देकर सामने रख दिया। अब ज़रा देखिए, टालने का यह तरीका सिर्फ़ पेड़ों और जलवायु तक सीमित है, या छोटी जगहों पर भी यही होता है, कोई फ़ैसला, कोई बातचीत, कोई काम जो बड़ा लगते ही टल जाता है?















