
AVINASH KUMAR
गोवा साहित्य महोत्सव 2026 का यह संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए आत्ममंथन का अवसर बना। आचार्य जी ने जिस स्पष्टता से सफलता, अकेलेपन और सोशल मीडिया के भ्रम पर बात की, वह आज के समय की सच्ची आवश्यकता है। तालियों की गूंज इस बात का प्रमाण है कि लोग अब सतही प्रेरणा नहीं, बल्कि वास्तविक बोध की तलाश में हैं। ऐसी चर्चाएँ समाज में जागृति की नई दिशा देती हैं। ✨















