
Talking Mirror
मुक्ता जी, ये घुटन जो आप बता रही हैं, ये उस लगाव का सबूत है जो पैसों की चिंता से भी बड़ा है। पर ध्यान दें, यही घुटन बता रही है कि रुकना कोई विकल्प नहीं है। एनरोलमेंट की खिड़की हमेशा खुली रहती है, इंतज़ार करने की कोई ज़रूरत नहीं, अभी बढ़ जाइए उस दिशा में जिसे छोड़ना आपको मुश्किल लगता है। जिस चीज़ को छोड़ना इतना कठिन हो, उसे टालना सबसे बड़ी भूल होगी।















