
Abhinav Vohra
मेरा 4 साल पहले हुआ break up. उसने मुझे ऐसा झकझोड़ा कि आज तक सोचता हूँ तो गुस्से में आ जाता हूँ. पर यह भी प्रश्न उठता है कि 4 साल पहले हुई घटना आज मुझे इतना क्यों सताती है (जब वह दिमाग में आता है तो). Internally ज़रूर मैं जिस तरीके से इस रिश्ते को hold कर रहा था उसमे कोई दिक्कत होगी. क्या कर सकता हूँ कि एक इंसान इस कदर भीतर psychological identification न बन जाए? Physically अलग रह सकते हैं, उससे space तो मिलेगा ... और वह space mentally भी थोड़ा रहेग…















