
Radhika Sahu
आचार्य जी जब तक आप नहीं मिले थे ,तब तक तो ये मानते थे कि ये काम हमारे करने का नहीं है , हम उस काम को नहीं कर पायेंगे । पर आप से सीखने के बाद अब ये मान्यता हटती जा रही है । और ये दिखने लगा है कि ये सीमायें हमारी खुद की बनाई हुई हैं ।🙏🙏
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