
Shilpee
मनुष्य अपनी ही द्वारा बनाई गई मान्यताओं को इसलिए छोड़ने को तैयार नहीं होता क्योंकि उसके भीतर एक ऐसा भय बैठा होता हैं कि अगर ऐसा नहीं किया तो इसका परिणाम कुछ ऐसा होगा की उन्हे कोइ दंड मिलेगा और ऐसे ही वो और बने परंपराओं को मानने के लिये तत्पर रहता हैं...















