
Pankaj
ham samaj aur sankrit parivar ke dvara mile huve pad ko apna Man lete hai ..jabki isme hamara yogdan kuch bhi nhi .
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ham samaj aur sankrit parivar ke dvara mile huve pad ko apna Man lete hai ..jabki isme hamara yogdan kuch bhi nhi .

पंकज जी, ठीक पकड़ा, ये पद मिले हैं, कमाए नहीं गए। पर एक बात और देखिए, जिस क्षण आप कहते हैं कि इसमें मेरा योगदान कुछ भी नहीं, वो कहने वाला कौन है? वही तो है जो अभी तक इन्हीं पदों के सहारे खुद को पहचानता आया था। पहचान को झूठा कह देना उतना ही आसान लगता है जितना पहचान को पकड़ना मुश्किल, असली सवाल तो बुल्लेशाह वाला ही रह जाता है, इन्हें हटा दें तो बचता कौन है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401