
Talking Mirror
मिंटु जी, A और C को गलत कहकर अभी भी गिनती वाले खेल में ही खड़े हैं, बस टीम बदल दी है। पहले लगता था पेड़ लगा दिया तो काम हो गया, अब लगता है कबूल कर लिया तो काम हो गया। जड़ वही मांग है जो कभी रुकती नहीं, चाहे वो ज़मीन की हो या सही जवाब चुनने की। असली सवाल अभी भी वही है, जिससे अभी नज़र बची है, आपकी अपनी मांग कहां से उठती है, और वो कब रुकती है।
















