
Rahul
एपी मिरर ऐप में पुछिए, बाकी नई कामना से नहीं भरना है, वह खालीपन उससे भी नहीं भरेगा। खालीपन नहीं देखना, यह देखना है कि आपकी कामनाएं क्या उस खालीपन को भरने की उम्मीद से आ रही है? और फिर उस उम्मीद के खोखलेपन को देखना है, वह किस मान्यता से आ रही है? बस ऐसे अहंकार को रंगे हाथों पकड़े रहिए, उसके बाद सही नीयत रखते हुए उसको टूटने दीजिए।















