
Preeti Pancholi
आचार्य जी ने एक सत्र में कहा था कि ठंडे मुर्दो के लिए नहीं है गीता। आग है गीता ,रक्त धार है गीता। आज वही आग मुझे इन मैम में दिखी है। 7 हो या 70 आचार्य जी हर उम्र पर राज करते है। गीता यूँ ही नहीं मिल जाती ,जिन्हें प्रेम है आचार्य जी स्वयं उन तक पहुंच जाते है। ये बात 100% सच है कि आचार्य जी हृदय के एक ऐसे स्थान को छूते है जो परम का है,सत्य का है,आत्मा का है। वही स्थान आचार्य जी के सानिध्य में आनंदित होता है सिर्फ वही समय होता है जब अहंकार निष्क्र…















