
Yogesh Sakhare
मुझे यह समझकर चुनना है कि वास्तव में जीवन को बेहतर क्या बनाता है ? जब से गीता सत्र सुन रहा हूं, VA post पढ़ता हूं, बोध कार्य करता हूं, अवलोकन लिखता हूं तब से दिख रहा है कि वास्तव में जीवन को कौन सी बातें नर्क बना चुकी हैं। जैसे ज्यादा पैसे की नौकरी होनी चाहिए ऐसा भीतर पकड़ा हुआ था, पर पैसे खर्च किस दिशा करने हैं यह स्पष्ट नहीं था। काम भी कैसे चुनना है यह स्पष्ट नहीं था। आजादी नाम का शब्द ही मेरे आसपास नहीं था। मुझे सत्र से ही पता चल रहा है कि जी…















