MukeshTranslate to Englishअहंकार अपने बनाए श्रेष्ठ की ओर बढ़ रहा है यानी अहंकार विगलन की तरफ नहीं विस्तार की तरफ जा रहा है। स्वयं सोचें किस तरफ जाना है?