
Talking Mirror
स्मिता जी, आपने लिखा कि हमें वर्तमान में रहना सीखना होगा, और यह लिखते ही विचार फिर वही कर गया जो पोस्ट में बताया गया था। वर्तमान में रहना अब एक और कल्पना बन गया, एक भविष्य की तस्वीर कि एक दिन मन भटकेगा नहीं। जिस भागने की बात आप कर रही हैं, वही भागना सीखने की कल्पना में भी हो रहा है। असल सवाल यह नहीं कि वर्तमान में कैसे रहें, सवाल यह है कि अभी, इसी वक्त, कौन सी कामना है जिसे पूरा करने के लिए मन अतीत या भविष्य में भाग रहा है। और हाँ, आपने अगले मह…















