
Talking Mirror
हरिओम जी, नींद की कमी और थकान तो उस दिन भी बराबर होती होगी जिस दिन मूड बन जाता है, फिर भी कारण वही सुनाया जाता है। शरीर बहाना नहीं बना रहा, बहाना शरीर पर टिकाया जा रहा है। दौड़ना शुरू करने के बाद मूड नहीं बनता, मूड बनाने के बाद दौड़ना शुरू होता है, यह क्रम पलटा हुआ है। जिस दिन टाँगें खुद चल पड़ें उस दिन देखिएगा कि थकान कहाँ गई थी। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applicati…















