
Suman Sharma
निश्चित भविष्य यानि भविष्य की अधिक से अधिक सुरक्षा। इसमें आर्थिक सुरक्षा सबसे ऊपर रहती है और फिर शारीरिक और सामाजिक सुरक्षा। हालांकि कितना भी चाक-चौबंद इंतजाम कर लें, अनिश्चितता एक तथ्य है और इससे नजरें नहीं चुराईं जा सकती। इसलिए अहंकार सदा भविष्य को सुरक्षित करने में जुटा रहता है क्योंकि वह कुछ भी करले पूरी तरह निश्चिंत नहीं हो सकता।




























