
Sneh lata
शादी के पहले जो कमाती थी अपनी पढ़ाई और अपनी सामान्य जरुरत पर खर्च करती थी। शादी के बाद कमाना बन्द हुआ। मेरी पढ़ाई के अलावा और कोई चाहत ही नहीं रही। मैंने जो पढ़ाई के वक्त सीखा सादा जीवन उच्च विचार इसी विचार के आधार पर ही मै जीवन जीती थी ।मेरी शिक्षा के अलावा कोईअनावश्यक खर्च कभी रहे ही नहीं।न मुझे ढेरों कपड़े चाहिए थे न ही सौन्दर्य प्रसाधन और न ही ज्वैलरी शादी के बाद भी मैं कभी कुछ नहीं लगाती थी जब बाहर जाते थे तभी कर लेते थे। लिखते लिखते फिर…















