
Sandhya rani sahoo
मैने क्या सुना ,मैने पहले से हीं सुन रखा होता है। मैने उसका अर्थ बनाया ,अर्थ भी तय करके रखा होता है जो मैने सुना और उसका जो अर्थ निकला ,बोलने वाले के शब्द और सुनने वाले के शब्द मै अंतर पाया जाता है ,जैसे आचार्य जी के शब्द एक होते है लेकिन हर सुनने वाले के शब्द अलग ।















