
Sandhya rani sahoo
प्रशंसा नाम पहले आता है किसीके लिए कुछ किया जाए और वह बदले मै कृतज्ञता ज्ञापन न करे तो हम कहते है कि क्या फायदा हुआ इस मदद का जब उसने किसके सामने तुम्हारी सहायता की बात करी हीं नहीं ।परिवार मै ऐसा हीं कहता सुना है बड़ों से और बूढ़ों से तो ये आस रहती है कि मैने कुछ किया है तो प्रशंसा मिले । और हम ऐसे व्यक्ति है जो घर परिवार के इलावा बाहर किसका मदद करते हीं नहीं , करते है तो पूरी की पूरी याद रखते है उसे याद दिलाने के लिए कि कभी कुछ किया था मैने ।…















