
Sonam
एक स्त्री को बचपन से धर्म के नाम पर बहुत कुछ सिखाया जाता है और वह चुप चाप इन मान्यताओं को ढोती रहती है अगर कभी कोई सवाल करें तो यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि पहले से ऐसा ही होता आया है सब करते आए हैं तुम्हें भी करना होगा उसे कभी एक इन्सान की तरह नहीं देखा जाता बल्कि सदा एक स्त्री की तरह देखा जाता रहा है















