
Tinku Kumar
असली लड़ाइयां वो हैं, जो अपने एकांत में लड़ी गई हैं। जाओ विद्रोह करो अपने एकांतों में, जाओ विद्रोह करो अपने रिश्तों में, अपने उच्चारण, शरीर, सपनों, कपड़ों, आदतों से लड़ो, अपने कुल-कुटुम्ब के दोषों से लड़ो। समर्पण नहीं मांग रहा, संघर्ष करो। सौंदर्य संघर्ष से आता है। ~ आचार्य जी❤️















